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अल्लाह को ऐसी औरत क्यों पसंद है|ह़ज़रत मूसा|Who is the good captive of Allah in hindi

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अल्लाह को ऐसी औरत क्यों पसंद है|ह़ज़रत मूसा|Who is the good captive of Allah in hindi

एक मर्तबा ह़ज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह से पूछा? “ऐ मेरे मालिक व मौला मुझे यह बता इस ज़मीन पर इस वक्त तुझे सबसे अज़ीज़ कौन है?”तो अल्लाह ने फरमाया ऐ मूसा अगर तुम देखना चाहते हो कि मुझे सबसे अज़ीज़ कौन है,तो जाओ फला गांव में एक औरत रहती है,वह इस वक्त मुझे सबसे अज़ीज़ है.
मूसा अलैहिस्सलाम के दिल में यह बात पैदा हुई के मैं उस अल्लाह के नेक बंदी की ज़ियारत करूं! देखुं तो आखिर वह एसी कौन से नेक आमाल करती है जिसकी वजह से अल्लाह को अजीज है.
मूसा अलैहिस्सलाम चला और बढ़ता रहा उस गांव पहुंचा, वहां क्या देखा एक टूटा हुआ घर है. उस टूटे हुए घर में एक औरत बैठी है, जिसके न हाथ है न पांव है न आंखें हैं न कान है सिर्फ एक ज़ुबान है,जो अल्लाह का शुक्र कर रही है.
मूसा ने देखा और दिल ही दिल में कहने लगे कि अल्लाह ने तो इसको कौइ नेमत नहीं दी फिर भी अल्लाह का शुक्र कर रही है.
बस यह कहना था तो वह औरत कहने लगी
ऐ मूसा तुम अल्लाह के नबी हो लेकिन मेरे अल्लाह के लिए यह न कहो कि अल्लाह ने मुझे कुछ नहीं दिया.
अल्लाह ने मुझे जो दिया है उसका शुक्र में कभी अदा नहीं कर सकती, मूसा ने कहा वह कैसे?
औरत कहने लगी ऐ मूसा अल्लाह मुझे क़दम देता मैं इस क़दम से बाहर जाती , और शायद मैं गुनाह करती.अल्लाह मुझे अज़ीज़ रखता है. इसलिए उन तमाम गुनाहों से बचा लिया.
अल्लाह अगर मुझे हाथ देता तो शायद मैं अल्लाह के मखलुकात पर ज़ुल्म करती,अल्लाह उन गुनाहों से मुझे बचा लिया.
अगर अल्लाह मुझे आंखें देता तो शायद मैं नामैहरम को देखती अल्लाह ने मुझे उन गुनाहों से भी बचा लिया.
अगर मुझे कान देता तो शायद मैं ग़लत बातें सुनती अल्लाह ने मुझे इस गुनाहों से भी बचा लिया.
सिर्फ एक ज़ुबान दी है ताकि उसका शुक्र कर सकूं. और रुह़ की आंखों को इतना मुनव्वर कर दिया, के मैंने तुझे कभी देखा नहीं मूसा!
फिर भी मैं तुम्हें पहचानती हुं बताओं मैं उस करीम अल्लाह का शुक्र करुं की न करुं?
और मूसा अलैहिस्सलाम रोने लगा और कहने लगा तुम्हारा ईमान तुम्हें अल्लाह के क़रीब करता है.
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