इंसान की जिंदगी के एक तलख सच्चाई

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इंसान की जिंदगी के एक तलख सच्चाई

इंसान की जिंदगी के एक तलख सच्चाई।अल्लाह ताला ने इंसान को अशरफ उल मखलूकात बनाया है। और इंसान को तमाम जानदारों चरीन्द परीन्द और जीन्नात और जानवरों से अफजल बनाया है। क्या  आपको मालूम है कि इंसान की जिंदगी मोखतलीफ वक्तों में मुख्तलिफ मराहील से गुजरता है। दोस्तों मोलाहीजा करें इंसान की जिंदगी के एक तलख सच्चाई।

गधों से कहा गया कि तुम सारा सारा दिन काम करोगे गर्मी सर्दी,बारिश ठंडी।तुम पर कोई तरस नहीं खाएगा तुमसे लोग सिर्फ और सिर्फ काम लेंगे। तुझे अकल नहीं होगी तुमको सिर्फ खाना दिया जाएगा और तुमसे काम ही काम लिया जाएगा। और तुम्हारी उम्र 50 सालों का होगा गधा बोला मुझे मंजूर है। लेकिन 50 साल मेरी उम्र बहुत ज्यादा है। मेरी सिर्फ 20 साल की उम्र दे दें इस तरह गधे की फरियाद सुन ली गई और गधे की उम्र 20 साल दे दी गई।

और कुत्ते से कहा गया कि तुम इंसान के बहुत अच्छे दोस्तों होगे ,इंसान की खिदमत और उसकी निगरानी करोगे। और उसके घर की हीफाज़त करोगे इंसान के बचा हुआ खाना खाओगे। तेरी हैसियत सीर्फ वह सीर्फ एक नीगरान की होगी।
कभी तुम्हें खाना मीलेगा। और कभी तुम कई दीनों तक भुखे रहोगे। इन्सान जब चाहेंगे तुम्हें घर से निकाल देगा और कभी तुम पर जुल्म और नफरत करेगा तो कभी तुमसे प्यार करेगा। और तुम सारी सारी रात घर की हिफाजत करोगे। और तुम को आराम नसीब नहीं होगा और तेरी उम्र 30 साल होगी। कुत्ते ने कहा मैं इतनी जिंदगी और इतनी उम्र का क्या करूंगा। मेरी 15 साल की जिंदगी ही द दें मेरे लिए 15 साल की जिंदगी ही काफी होगी। चुनांचे कुत्ते की मुराद पूरी हुई और कुत्ते की जिंदगी 15 साल की मील गई।

फिर बंदर से कहा गया तुम्हारा काम होगा कि तुम लोगों को हंसाओगे, तुम तरह-तरह के मस्खरे करोगे। एक शाख से दूसरे शाख तक फलांगते हुए जाओगे। बच्चे और तेरे दोस्त तुम को पसंद करेंगे। और लोग तेरा मज़ाक उड़ाएंगे। तुम लोगों के लिए एक मस्खरा होंगे। और तेरी उम्र बीस साल होगी बंदर बोलता मैं सिर्फ 10 साल जीना चाहता हूं। इस तरह बंदर की मुराद भी पूरी हो गई और बंदर की उम्र 10 साल मिल गइ।

और इंसान से कहां गया तुम तमाम मखलूकात
में सबसे अफजल होगे, तुम अशरफ उल मखलूकात होगे। तुमको बेपनाह अकल और ज़हानत दी जाएगी। तुम अपने अक़ल और ज़हानत के बदौलत तमाम दुसरे मखलुकात पर गालीब होगे। तमाम मखलूकआत तेरी मातहत होगी। तुम्हारी जिंदगी सब मखलुकात से ज़्यादह खुबसूरत होगी। और तेरा काम ज़मीन को आबाद करना ,दुन्या को खुबशुरत बनाना और ज़ीनदगी को शानदार गुज़ारना होगा।और तेरी ज़ीनदगी और तेरी उम्र 20साल होगी। इन्सान बोला मै सीर्फ 20साल जीने के लिए इनसान बनुंगा।
मै सबसे अच्छी मखलुकात और मेरी जिंदगी सिर्फ 20 साल होगी। मैं इतनी थोड़ी सी जिंदगी का क्या करूंगा। इंसान जो हमेशा से ज्यादा की खोहाइस करता है। जो अल्लाह की अता करदा नेमत से खुश नहीं होता। वह फर याद करने लगा,
इतनी जीन्दागी का मैं क्या करूंगा वह 20 साल भी चाहिए जीस्को गधों की जरूरत नहीं। हमें वह 15 साल भी चाहिए जीसे कुत्ते को जरूरत नहीं
और वो 10 साल भी मुझे दे दें जिसे बंदर को जरूरत नहीं। और इंसान की फरियाद और आरजू पूरी हो गई। और गधे के 20 साल और कुत्ते की 15 साल और बंदर की 10 साल इंसान को दे दीए गए। और अब ज़रा इन्सान की जिंदगी मोलाहीजा कीजिए। इन्सान अपनी जिंदगी के 20 साल इंसान की तरह हो गुज़ारता है। जो उनको दी गई थी इस 20सालों में इंसानों को कोई गम नहीं होता। न घर की फिकर न जिंदगी की परवाह
न मोसतक़बील न माज़ी न कीसी जीज़ के ग़म सताता है।वो इन 20 सालों में हसता खेलता है ज़ीनदगी के मज़े लुटता है। और ख़ुबशुरती अपनी जिंदगी को गुज़ारता है। और उसके ज़ीनदगी मे एक नया मोड़ आता है। और उसके ज़ीनदगी के वो बीस साल शुरू हो जाता है . जो उसने गधे से लीए थे। इन्सान की शादी हो जाती हैं। और वो अपनी बीवी और बच्चे के पेट पालने के लिए सारा सारा दिन काम करने लगता है।शर्दी हो या बारीश वो काम ही काम में मसरुफ रहता है। सुबह वह काम के लिए नीकलता और रात को देर से वापस लौटता है ‌आराम और सुकुन क्या है यह सब उसके नसीब में नहीं रहते। उसके ज़ीनदगी के ये बीस साल गुज़रते है। के उसके ज़ीनदगी मे एक दूसरा मोड़ आता है। अब उसके ज़ीनदगी के वो 15 साल शुरू हो ते है जो उसने कुत्ते से लीए होते हैं। अब इसके ज़िन्दगी एक कुत्ते की तरह हो जाती है। और इसके बच्चे जवान हो ते है और इसकी कोई परवाह नहीं होती। इसका काम घर में बैठ कर घर की नीगरानी करना होता है।सारी सारी रात  जागताहै और घर की निगरानी करता है नींद क्या है अब इसके नसीब में नहीं होती।कीसी ने खाना दे दिया तो ठीक वरना भुखा सोता है ।
बच्चें और पोते पोतियों के बचा हुआ खाना खाता है।रात के जब सब सो जाता है तब ये लाईट बंद करता है। और घर की सफाई भी करता है। कभी बेटे ने डाट दिया तो कभी बहू ने ताना दिया। और ये घर के कीसी कोने में पड़ा रहता है।बीलकुल एक कुत्ते की तरह,ये15साल गुज़रते है कि इंसान के वो 10 साल शुरू हो जाता है।

ये वह 10साल शुरू हो जाता है, जो उसने बंदर से दीए होते हैं। ज़ी हां इन्सान के ये 10साल बिल्कुल उस बंदर की तरह हो जाती है,जो अपने ज़िन्दगी के बचे खुचे ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए कभी अपने एक बेटे के घर जाता है तो कभी दुसरे बेटे के घर जाता है। कभी एक बेटी के यहां जिंदगी गुज़ारता है कभी दुसरे बेटी के यहां ये सारा सारा दिन बच्चे के लिए अजीब अजीब मस्खरे करता है। बच्चे कभी इसके पीठ पर चहरकर सवारी लेते हैं। बच्चे इसके साथ ख़ुश होते हैं। कभी इसके बच्चे, और बहुएं इससे तंग होते हैं। और जब इसकेे मरने का बुलावा आता है और मरने के इनसे सुवाल किया जाता है। तुमने दुनिया में कीतने दीन रहकर आए हो। तो ये जवाब देता है ।दो चार दिन या इससे भी कम दो चार दिन या इससे भी कम दो चार दिन या इससे भी कम

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