कोई ऐसा अमल या कोई ऐसी दुआ बताएं,जिससे मेरी मुश्किलात आसान हो?

ह़ज़रत अली रज़ि अल्लाह ताअला अन्हु की ख़िदमत में एक शख्स आया,और अर्ज़ करने लगा या अली मैं एक मुश्किल में हूं,यह मेरी मुश्किल खत्म नहीं होती.

कोई ऐसा अमल या कोई ऐसी दुआ बताएं, जिससे मेरी मुश्किलात आसान हो.

बस यह कहना था की ह़ज़रत अली रज़ि अल्लाह ताअला अन्हु ने फरमाया,ऐ शख्स चंद आमाल अल्लाह के रसूल ने हम अहले बैत को फरमाया, जिससे अल्लाह के करम से मुश्किलात दूर रहती है.
उसने कहा या अली मुझे भी कोई अमल बताएं ताकि मेरी मुश्किल खत्म हो जाए,तो ह़ज़रत अली रज़ि अल्लाह ताअला अन्हु ने फरमाया.कोई ऐसा अमल या कोई ऐसी दुआ बताएं,जिससे मेरी मुश्किलात आसान हो?

ऐ शख्स तुम मगरीब की नमाज़ पढ़ने के बाद एक जगह बैठे रहो फिर 27 मर्तबा अल्लाह के रसूल और उसके आाल पर दुरुद भेजो, फिर 27 मर्तबा सूरह फातिहा पढ़ो और फिर अपनी मुसीबत अपने मुश्किलात का अल्लाह से तज़कीरह करो.
उसके लिए मदद मांगो
फिर 27 मर्तबा अल्लाह के रसूल और उसके अाल पर दुरुद भेजो यकीनन चंद ही दिनों में तुम्हारी मुश्किल खत्म हो जाएगी.