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मोहब्बत की पहली शर्त इज्जत है

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मोहब्बत की पहली शर्त इज्जत है

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

ऐसे शख्स को कभी मत गवाना जिसके दिल में तुम्हारे लिए, मोहब्बत,फीक्र, इज्जत और चाहत हो।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

जिसको तुम से मोहब्बत होगी वह तुमको फिजूल और नाजायज कामों से रोकेगी।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

जो तुम्हें खुशी में याद आए तो समझो तुम उस से मोहब्बत करते हो,और जो तुम्हें गम में याद आए तो समझो वह तुमसे मोहब्बत करता है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

अगर कोई तुमसे नाराज है।और उसे इस बात का गुरुर है ,कि तुम मुझ से मना लोगे तो उसके इस गुरुर को टूटने मत देना।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

मोहब्बत की पहली शर्त इज्जत है।और जो इज्जत नहीं दे सकता ।वह सच्चा मोहब्बत भी नहीं दे सकता।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

जिस से मोहब्बत किया जाए उस से मुकाबला नहीं किया जाता ।किसी को पा लेना मोहब्बत नहीं। बल्कि किसी के दिल में जगह बना लेना मोहब्बत है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

मोहब्बत सबसे करो लेकिन उस से और भी ज्यादा करो ,जिसके दिल में तुम्हारे लिए तुम से ज्यादा मोहब्बत है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

दोस्ती और मोहब्बत उन से करो जो निभाना जानते हो। और नफ़रत उन से करो जो भुलाना जानते हो।और गुस्सा उनसे करो जो मनाना जानते हो।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

किसी के ख़ुलूस और प्यार को बेवकूफी मत समझो, वरना किसी दिन तुम ख़ुलूस और प्यार तलाश करोगे। और लोग तुम्हें बेवकूफ समझेंगे।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

कोई तुमसे रूठ जाए। फिर वही खुद तुमसे मिलने को तरसे। तो उसे खोना मत क्योंकि वह तुमसे बहुत प्यार करता है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

किसी को तुम दिल से चाहो। और वह तुम्हें ठुकरा दे तो यह उसकी बदनसीबी है। तुम्हारी नहीं।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

अगर मोहब्बत उनसे ना मिले जिनसे आप प्यार करते हो। तो फिर मोहब्बत उनको जरूर देना जो आप से प्यार करता है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

दुनिया का सबसे खूबसूरत पौधा मोहब्बत का
होता है । जो जमीन में नहीं बलके दिलों में उगता है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

जो शख्स हमेशा तुम्हारी खुशी चाहे उसका उदास होना तुम्हारे लिए फिक्र की बात है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

अच्छा इंसान वह है जो किसी का दिया हुआ दुख तो भुला दे। मगर किसी की दी हुई मोहब्बत कभी ना भुलाए।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

जिस से हद से ज्यादा मोहब्बत हो उस से उतनी ही नफरत भी हो सकती है। क्योंकि खूबसूरत शीशा जब टूटता है तो खतरनाक हथियार बन जाता हैं।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

हर इंसान की इज्जत और उससे मोहब्बत करो।
क्योंकि हर इंसान के अंदर अल्लाह की कोई ना कोई सीफत ज़रूर मौजूद होती है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

मोहब्बत दूर के लोगों को क़रीब, और अदावत क़रीब के लोगों को दूर कर देती है।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

दुनिया में हजारों रिश्ते बनाओ लेकिन एक रिश्ता ऐसा बनाओ जब हजारों आपके खिलाफ हो तो एक रिश्ता के साथ हो।

फ़रमाने ह़ज़रत अली رضی اللہ تعالیٰ عنہ

लोग प्यार के लिए होते हैं और चीजे इस्तेमाल के लिए, बात तब बिगड़ती है जब चीजों से प्यार किया जाए ,और लोगों को इस्तमाल किया जाए।
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