Home Relationships मोहब्बत की शादी और उसके नुकसान|बेटी|Love marriage and its loss in hindi.

मोहब्बत की शादी और उसके नुकसान|बेटी|Love marriage and its loss in hindi.

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बेटियां मां बाप को जितना चाहती है. उससे ज़्यादा कौन किसको चाहता है.

मोहब्बत की शादी और उसके नुकसान.
बेटियां मां बाप को जितना चाहती है. उससे ज़्यादा कौन किसको चाहता है.आज हम इस लेख में इसके बारे में पढ़ेंगे, तो चलिए शुरू करते हैं.
सैय्यद अमीनुल क़ादरी एक बयान में फ़रमाते हैं.
मैंने एक मर्तबा एक आर्टिकल पढ़ा था. एक नौजवान को मोहब्बत हुई और उसके बाद दोनों ने शादी कर ली इस शादी पर उन दिनों के मां बाप खुश नहीं थे.
(हालांकि इस्लाम में मोहब्बत के शादी का कोई तसौव्वुर नहीं है. और उसके बहुत से नुकसानात हैं. सबसे बड़ा नुकसान यह है. के चंद शादियां क़ामयाब हो जाए तो यह अलग बात है. लेकिन अक्सर मोहब्बत से जो शादियां होती है.उसका नुकसान यह है जो लड़की आपके हुस्न को देख कर आपके माल व दौलत को देख कर आपकी अदाओं को देखकर अपने मां-बाप से बग़ावत कर ली… अगर उसको आप से अच्छा कोई मिलेगा तो वह आपके साथ भी बग़ावत कर सकती हैं… इसीलिए इस्लाम ने मोहब्बत की शादियों को पसंद नहीं किया है)
इसलिए इसका बहुत ख्याल किया जाना चाहिए… बहरेहाल.
दोनों मियां बीवी की मोहब्बत से शादी हुई…फिर मोहब्बत की शादी के बाद उन दोनों ने कमरे में बैठकर यह बात तय की जब हमारी शादी हुई तो हम दोनों के मां बाप हम से राज़ी नहीं थे… वह हमसे नाराज़ हो गए…इसलिए हम आज यह तय करते हैं यह वादा करते हैं,जो मां बाप हमारी शादी से राज़ी नहीं थे.हम उसके लिए जिंदगी भर अपने घर के दरवाज़ा नहीं खोलेंगे. हम अपनी जिंदगी खुद जिएंगे हम अपनी ज़िंदगी खुद गुज़ारेंगे.
जब यह दोनों ने वादा कर लिया इसके बाद यह दोनों अपनी ज़िंदगी गुज़ारने लगे, कुछ अरसे बाद जब इस लड़का के मां बाप को यह पता चला कि इसका बेटा सेट हो गया है खूब माल व दौलत कमाने लगा है खुशी से के साथ अपनी ज़िंदगी गुज़ार रहा है,तो उसके मां-बाप ने कुछ दिनों के बाद इसके दरवाज़े पर दस्तक दी… दोनों मियां बीवी अंदर घर में बैठे हुए हैं जब दरवाज़े पर दस्तक आई तो पूछा कौन…उसने कहा बेटा तुम्हारे मां बाप आए हैं!दरवाजा खोलो हम तुमसे मिलना चाहते हैं… उस लड़के ने अपनी बीवी की तरफ सुवालियां निगाहों से देखा… उसकी बीवी ने कहा आपने तो वादा किया है. कि जब हमारे मां-बाप आएंगे तो हम उसके लिए दरवाज़ा नहीं खोलेंगे.फिर उसकी बीवी ने कहा जो हमारे शादी से नाराज़ थे हम उसके लिए दरवाजा नहीं खोलेंगे. अल्लाह हू अकबर उसने दरवाजा नहीं खुला…
उसके मां-बाप कुछ देर तक दस्तक देते रहे… आवाज़ देते रहें उसके बाद वह चले गए.
जब वह दोनों चले गए…
तो फिर कुछ दिन गुज़रे,कुछ महीने कुछ साल गुजरते गए…चंद सालों के बाद फिर दरवाज़े पर दस्तक आई…अब पूछा गया कौन? तो लड़की के मां बाप ने कहा बेटी तुम्हारा मां-बाप आए हैं… पता चला है कि तू बहुत सुकून से हैं उस वक्त उस लड़की ने अपने पति की तरफ सुवालिया निगाहों से देखा?जब उसके तरफ देखा तो उसके सोहर ने कहा हम पहले ही वादा कर चुके हैं कि जब हमारे मां बाप आएंगे तो हम उसके लिए दरवाज़ा नहीं खोलेंगे…और आपने यह देखा भी है कि जब मेरे मां बाप आए थे तो मैंने उसके लिए दरवाजा नहीं खोला था…
इसलिए आप भी अपने मां-बाप के लिए दरवाज़ा नहीं खोल सकते? फिर उस लड़की ने कहा आप को रखना है तो रखें और ना रखना है तो न रखें?
लेकिन मैं यह नहीं कर सकती कि मेरे मां बाप मेरे दरवाजे पर आएं और मैं उसके लिए दरवाजा न खोलुं…
मैं हरगिज़ ऐसा नहीं कर सकती और उसने उठ कर दरवाज़ा खोल दी…और वह शख्स मजबूर हो गया और उसके साथ रहने लगे.
कुछ अरसे बाद उसके घर में बेटा पैदा हुआ और उसने कोई खुशियां नहीं बनाई…फिर कुछ और अरसे बाद उसके घर बेटी पैदा हुई.
तो उसने बहुत खुशियां मनाई…इस पर उसकी बीवी ने कहा जब आप को बेटा हुआ तो आपने खुशियां नहीं बनाई? और जब बेटी हुई तो आपने खुशियां मनाई…
तो उसने रोते हुए कहा एक दिन मैं अपने बेटे और बहू के दरवाज़े पर जाऊंगा. और वह मेरे लिए दरवाज़ा नहीं खोलेंगे, यह मुझे अच्छी तरह से पता है….लेकिन जब मैं अपनी बेटी के दरवाज़े पर बूढ़ापे जाऊंगा,तो वह मेरे लिए दरवाज़ा खोल देगी…इसीलिए जिसके साथ मेरे बुढ़ापे की खुशियां बावस्ता है.उसकी पैदाइश पर खुशी ना करूं तो किस की पैदाइश पर खुशी करूं…
ये बात है बेटियां मां बाप से मोहब्बत करती है.
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