सच्चे प्यार की पहचान कैसे करें

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सच्चे प्यार की पहचान कैसे करें

सच्चे प्यार की पहचान कैसे करें  हज़रत अली रज़ी अल्लाह ताला अनहो की खिदमत में एक औरत आई।

और रो-रोकर अर्ज करने लगी। या अली मैंने अपनी जिंदगी में बहुत धोखे खाए हैं।

इंसान बाहर से कुछ और, और अंदर से कुछ और होते हैं।

हमेशा मैंने दूसरों से भलाई की नेकियां की भरोसा किया ऐतबार किया।

लेकिन बदले में मुझे हमेशा नुकसान हाथ में ले जब यह कहना था कि इमाम अली रज़ी अल्लाह ताला अनहो ने फरमाया।

ऐ औरत याद रखो जिसके साथ नेंकी करो उसके शर से बचो इंसान से की जाने वाली नेकी का बदला इंसान से नहीं बल्कि इंसान के खालीक़ से तलब करो।सच्चे प्यार की पहचान कैसे करें

उस औरत ने कहां या अली मेरा एक सवाल है।
इमाम अली ने कहा आज तक मेरे दर से कोई खाली न गया।

उस औरत ने दस्ते अदब जोड़कर कहा या अली
क्या कोई ऐसा अमल है जीस से वक्रतुंड से पहले यह मालूम हो जाए कि सामने वाला इंसान हमसे सच्चा प्यार करता है या नहीं।

तो इमाम अली रजी अल्लाह ताला अनहो ने कहा
हां अल्लाह के ईल्म में किसी चीज की कोई कमी नहीं।

अगर तुम यह देखना चाहती हो के सामने वाला इंसान तुमसे कितना सच्चा प्यार करता है तो तुम 3 मर्तबा,या उदुदो, या ह़कीमो,या रह़ीमो,या रह़मान, दिल में पढ़ो और उसके चेहरे में देखो

और अगर सामने वाला का चेहरा मनहूस नजर आए, तो समझ जाना आने वाले वक्त में वो तुमको तकलीफ देगा धोखे देगा।

लेकिन अगर उस आने वाले इंसान का चेहरा मुत्मइन रहे आम इन्सान जैसा रहे तो समझ जाना यह इंसान तुमसे प्यार तो नहीं करता लेकिन तुम्हें धोका भी नहीं देगा।

लेकिन अगर सामने वाले इंसान का चेहरा मुस्कुराए, उसके आंखों से प्यार झलक ने लगे तो समझ जाना कि इंसान अपने हुजूर से ज्यादा तुमसे प्यार करता है।

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