Home इतिहास सुल्तान महमूद गजनबी और 6 छौ चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.

सुल्तान महमूद गजनबी और 6 छौ चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.

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सुल्तान महमूद गजनबी और 6 छौ चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.

सुल्तान महमूद गजनबी और 6 चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.सुल्तान महमूद ग़ज़नवी के जमाने में,शहर में चोरींयां बहुत ज्यादा होने लगी,तो चोरों को पकड़ने के लिए सुल्तान महमूद गजनबी ने यह तदबीर अख्तियार की,सुल्तान महमूद गजनबी ने शाही लिबास उतारकर चोरों जैसा फटा पुराना लिबास पहन लिया.सुल्तान महमूद गजनबी और 6 छौ चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.
सुल्तान महमूद ने देखा एक जगह बहुत से चोर इकट्ठे बैठे हुए हैं, बादशाह भी जाकर वहां बैठ गया, चोरों ने बादशाह से पूछा तुम कौन हो. बादशाह ने कहा मैं भी तुम्हारे जैसा एक आदमी हूं, चोरों ने समझा यह भी मेरी तरह कोई चोर है.
चोरों ने कहा हम माहीरीने फन हैं, कोई आम चोर नहीं है, तुम अपना कोई हुनर बताओ अगर तुम्हारे अंदर कोई हुनर होगा तो हम शरीक करेंगे, वरना नहीं.सुल्तान महमूद गजनबी और 6 छौ चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.बादशाह ने कहा आप लोग क्यों घबराते हैं, आप लोगों में जो चोरी का सीफत, हुनर और फन है, अगर मेरा हुनर उस से ज्यादा पाना तो रखना नहीं तो भगा देना.
चोरों ने कहा अच्छा अपना हुनर बताओ, बादशाह ने कहा बाद में बताऊंगा पहले तुम लोग अपना हुनर बताओ,
एक चोर ने कहा मेरे अंदर यह हुनर है कि ऊंची से ऊंची दीवार फांदकर घर में दाखिल हो जाता हूं, चाहे बादशाह का किला ही क्यों ना हो.
दूसरे चोर ने कहा मेरे नाक मे यह खासियत है कि जहां खजाना दफ़न होता है उस मिट्टी को सुंघकर उस खजाने की पता बता देता हूं.
तीसरे चोर ने कहा मेरे बाजू में यह ताकत है कि चाहे जितनी बड़ी दीवार हो घर में घुसने के लिए मैं उस में सुराख कर देता हूं.
चौथा चोर ने कहा मैं माही रे हिसाब हूं चाहे जितनी बड़ी खजाना क्यों नहीं मैं चंद मिनट में हिसाब करके उसे तक्सीम कर देता हूं.
पांचवे चोर ने कहा मेरे कानों में ऐसी खासियत है कि मैं कुत्ते की आवाज सुनकर बता देता हूं कि कुत्ता क्या कह रहा है.
छठा चोर ने कहा मेरी आंखों में यह खासियत है कि जिसे रात में देख लेता हूं उसे दिन में भी पहचान लेता हूं.सुल्तान महमूद गजनबी और 6 छौ चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.अब सब चोरों ने बादशाह से पूछा ऐ चोर भाई अब तुम बताओ तुम्हारे अंदर क्या खासियत है.
सुल्तान महमूद ने कहा भाई मेरे दाढ़ी में एक खासियत है कि जब मुजरिम को फांसी के लिए जल्लादों के हवाले कर दिया जाता है,उस वक्त मेरी दाढ़ी हील जाती है तो मुजरिम छूट जाते हैं.
यह सुनकर चोर खुशी के मारे कहने लगे आप तो चोरों के कुतुब है जब हम किसी मुसीबत में फंस जाएंगे तो आप के जरिए ही मुझे रिहाई मिलेगी.
लिहाजा यह फैसला हुआ कि आज बादशाह के यहां चोरी की जाएगी क्योंकि आज सब आराकीन निहायत ही पावरफुल है.
और मुसीबत से छुड़ाने वाला यानी दाढ़ी वाला भी हमारे साथ है,लिहाजा सब बादशाह के महल की तरफ चल पड़े रास्ते में कुत्ता बोला तो कुत्ते की आवाज पहचानने वाले ने कहा,
यह कुत्ता कह रहा है बादशाह तुम्हारे साथ है, लेकिन चोर फिर भी चोरी की राह से क्यों नहीं रुका, बेजा लालच और तमा के,
क्योंकि लालच आंखों पर पर्दा डाल देती है।और अक्ल व होस को उड़ा देती है। जिससे हुनर पोसीदा हो जाता है.
लिहाजा बादशाह के यहां चोरी हुई चोरों ने खजाना लूट लिया और जंगल में बैठकर, माही रे हिसाब ने हिस्सा लगाकर चंद मिनटों में सबको तक्सीम कर दिया.
बादशाह ने कहा सब लोग अपना अपना पता लिखवा दें, ताकि आइन्दा जब चोरी करना हो हम लोग आसानी से जमा हो जाए.
इस तरह बादशाह ने सब का पता नोट कर लिया। अगले दिन सुल्तान ने अदालत लगाई, और पुलिस वालों को हुकुम दिया सब को पकड़ लाओ, जब सब चोर हथकड़ियां डालकर हाजिर किए गए, तो बादशाह ने सब को फांसी का हुक्म दे दिया। और कहा इस मुकद्दमा में किसी गवाह की जरूरत नहीं, क्योंकि सुल्तान खुद वहां मौजूद था।सुल्तान महमूद गजनबी और 6 छौ चोरों का ह़िकमत भरी वाक्या.
इसी तरह क़्यामत के दिन अल्लाह ताला को किसी गवाह की है ज़रूरत नहीं होगी। क्योंकि अल्लाह ताअला का फरमान ए आलीशान है। जब तुम गुनाह कर रहे थे तब मैं तुम्हें देख रहा था। फिर क़्यामत के दिन जो अज़ा की गवाही, जमीन की गवाही, और जो फरिश्तों की गवाही,
और सहीफे आमाल की जो गवाही पेश की जाएगी, वह बंदों पर हुज्जते ताम करने के लिए होगी,
जब छह के छह चोर फांसी के तख्ते पर फांसी के लिए खड़े हो गए, तब वह चोर जिसने बादशाह को देखा था,उसने बादशाह को पहचान लिया।
और कहा यह वही शख्स है जो रात को हमारे साथ था। वह तख्त पर से चिल्लाया हुजूर हमें कुछ देर के लिए हमारी जानों कि अमान दी जाए,
मैं आपसे तनहाई में कुछ बात करना चाहता हूं.
बादशाह ने कहा है इसको मेरे पास भेज दो, चोर ने हाजिर होकर अर्ज किया ऐ बादशाह हम में से हर एक ने अपना अपना हुनर दिखा दिया।
लेकिन सब के सब हुनर जीन पर हम को नाज था, उन्होंने हमारे बदबख्ति को और बढ़ा दिया, के आज हम फांसी के तख्ते पर हैं,
ए बादशाह मैंने आप को पहचान लिया है। आपने वादा फरमाया था कि जब मुजरिम को तख्तादार पर चढ़ाया जाता है। उस वक्त गैबे करम से मेरी दाढ़ी हिल जाती है तो मुजरिम फांसी से बच जाते हैं.
लिहाजा अपने हुनर का जुहूर फरमाइए। ताकि हमारी जान बख्शी जाए।
मौलाना रूमी (رحمتہ اللہ علیہ) फरमाते हैं। सुल्तान महमूद ने कहा था, तुम्हारा कमलाते हुनर ने तो तुम्हारे गरदनों को मुबतला ए कैर कर दिया था।
लेकिन यह शख्स जो सुल्तान का आरीफ था, इसके चश्मा ए सनाख्त के सदके.
मै तुम सब को रिहा करता हूं इस किस्सा को ब्यान फरमा कर मौलाना रूमी फरमाते हैं, इस दुनिया में हर शख्स अपने हुनर पर नाज कर रहा है.बड़े-बड़े एहले हुनर आपने हुनर में बदमस्त.
अल्लाह ताअला से ग़ाफ़िल है. लेकिन क्यामत के दिन इनकी ये हुनर कुछ काम नहीं आएंगे,और उनको आजाब में मुब्तिला कर देंगा, लेकिन वह लोग जो इस दुनिया के अंधेरे में अल्लाह ताअला को पहचान लिया,निगाहे मार्फत पैदा कर ली.
कयामत के दिन यह खुद भी नीजात पाएंगे, और इन की सिफारिश गुनाहगारों के हक में भी क़ुब़ल की जाएगी.
अल्लाह ताअला से दुआ है कि हम सबको नेक रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमाएं।
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अगर आप सच में अपनी लाइफ को कोई मकाम देना चाहते हैं,तो अपने मकसद को हमेशा याद रखना होगा।

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