ह़ज़रत लुकमाने ह़कीम जिस भी पौधे को छूता था.वह पौधा उसे खुद बताता था.

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ह़ज़रत लुकमाने ह़कीम जिस भी पौधे को छूता था.वह पौधा उसे खुद बताता था.

इस जमीन पर हजारों इंसान ऐसे हैं. जिन्होंने, इल्म, फैज़, इंसानों तक पहुंचाया. ऐसे ही अल्लाह का एक नेक बंदा, लुकमान था.जिसको दुनिया लुकमाने हकीम के नाम से जानती है.
ह़ज़रत लुकमाने ह़कीम जिस भी पौधे को छूता था.वह पौधा उसे खुद बताता था. मुझ में किस किस बीमारी का इलाज है. लुकमाने हकीम के पास काफी मरीज़ आते थे. तो वह फूलों की खुशबू से भी लोगों का इलाज करते थे.
ह़ज़रत लुकमान कहते थे. कि चमेली की खुशबू इंसान को रूहानियत की तरफ, मार्फत कि तरफ, तसौउफ की तरफ खींचती है. इंसान के अंदर सब्र पैदा करती है, इंसान को सुकून देती है.ह़ज़रत लुकमाने ह़कीम जिस भी पौधे को छूता था.वह पौधा उसे खुद बताता था.
अगर किसी इंसान का ब्लड प्रेशर हाई हो, तो वह चमेली की खुशबू महसूस करें. अल्लाह के करम से ब्लड प्रेशर हाई का मसला खत्म हो जाएगा.
अगर किसी इंसान के अंदर चिड़चिड़ापन है गुस्सा ज्यादा आता है, तो वह भी चमेली की खुशबू महसूस करें, तो उसका यह मर्ज भी उससे दूर हो जाएगा.
और गुलाब की खुशबू इंसान को दुनियादारी में मशरूफ करती है. और इंसानों की ख्वाहिशसात को उभारती है. अगर किसी इंसान के अंदर उदासी हो तनहाई हो अकेलापन हो तो वह गुलाब की खुशबू महसूस करें.ह़ज़रत लुकमाने ह़कीम जिस भी पौधे को छूता था.वह पौधा उसे खुद बताता था.
क्योंकि गुलाब की खुशबू इंसान के अंदर जोश और दुनिया की मोहब्बत की तरफ खींचती है. और अगर किसी इंसान की ब्लड प्रेशर लो हो तो वह कोशिश करें कि गुलाब की खुशबू महसूस करें. अल्लाह के करम से उसका लो ब्लड प्रेशर सही हो जाएगा.
और अगर कोई इंसान एहसासे कमतरी में मुब्तिला है,या डिप्रेशन का शिकार हो चुका है तो वह भी गुलाब की खुशबू महसूस करें अल्लाह के करम से उसका यह मसला भी हल हो जाएगा.
जिसको इबादत पर सुकून नहीं आता वो रात की रानी की खुशबू महसूस करें.
और जिसको सर दर्द की शिकायत है वह जाफरान की.
किसी इंसान के जाहरी या बातनीे जीस्म पर कोई ऐसा जख्म है, जो ठीक नहीं हो रहा, जीसे दौरे हाजिर में कैंसर कह सकते हैं.
तो वह कोशिश करें जब भी खाना खाए, तो उस खाने के साथ दो से ढाई बादाम जितनी अदरक खाया करें अल्लाह के करम से वह मर्ज से निजात पाएगा.

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