Home Relationships Difference between men and women – मर्द अपने प्यार में क्या ढूंढता...

Difference between men and women – मर्द अपने प्यार में क्या ढूंढता है?

0

Difference between men and women

मर्द और औरत में फर्क क्या है? (Difference between men and women) इन दोनों में कुछ डिफरेंस है होते हैं, तो आज हम इसी के बारे में बात करेंगे, तो चलिए शुरू करते हैं. इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु के ख़िदमात में एक शख्स आया और दस्तेअदब को जोड़ कर अर्ज करने लगा या अली! अल्लाह ने मर्द और औरत में फर्क रखा,(Difference between men and women)

difference-between-men-and-women-in-hindi

लेकिन क्या इन दोनों के वजूद में जो प्यार हो उभरता है, क्या इनके प्यार में भी फर्क है?
(Is there a difference between their love too?).मर्द अपने प्यार में क्या ढूंढता है?

बस यह कहना था तो इमाम अली ने फ़रमाया,
ऐ शख्स याद रखना,(keep remember) इंसान एक तलाश के साथ बड़ा होता है, जैसे जैसे वो बड़ा होता जाता है, तो वही तलाश इंसान को कभी उसकी मंजिल देती है, तो कभी वो खुद ही को पाता है, तो कभी खुद की खालीक़ (Allah) को.

लेकिन कई मर्तबा उस इंसान की तलाश किसी इंसान पर रुक जाती है. और उसी तलाश के रुकने को कुछ लोग प्यार करते हैं. ऐ शख्स याद रखना, मर्द कि प्यार और औरत के प्यार में अल्लाह ने फर्क रखा, तो वो कहने लगा या अली कैसा फर्क? (What difference)

Finds your protector:

बात जब यहां तक पहुंची तो इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया, औरत अपने प्यार में अपना मुहाफिज (Finds your protector) तलाश करती है, जो उसकी हिफाजत करें, जिसके साथ वो रह के महफूज रहे,(With whom it is safe)
और मर्द अपने प्यार में अपना नस्ल तलाश करता है.

difference-between-men-and-women-in-hindi

औरत का वजूद अल्लाह ने आईने की तरह रखा, वो जिस मर्द में सुजाअत, बहादुरी, सखावत इल्म देखेगी,
तो वो ये महसूस करेगी के यही मेरी हिफाजत कर पाएगा,(this will protect me) और यही सोच,(think) औरत की तलाश को रोकती है, और उसकी वजूद में प्यार पैदा करती है.

जब तक औरत की वजूद में यह सोच जारी है, कि मैं अपने मर्द के साथ महफूज हूं, वो कभी भटक नहीं सकती. (She can never go astray)
और मर्द खूबसूरती को, अदाओं को पसंद तो करता है, लेकिन उससे प्यार नहीं करता.

मर्द उससे झूठी मोहब्बत के दावे तो करेंगे:

ऐ शख्स याद रखना इस ज़मीन पर अनकरीब ऐसा ज़माना आएगा, जब औरतें अपने आप को खूबसूरत बनाने में इतनी मगन हो जाएगी, के वो हया, अदब, और शर्म के लिबास को उतार देगी, मर्द उससे झूठी मोहब्बत के दावे तो करेंगे, लेकिन हकीकत में वो उनसे प्यार नहीं करेंगे.

और वो औरत बार-बार रोएगी के हमारी इतनी सच्चाई, और खूबसूरती के बदले प्यार क्यों नहीं मिल रहा?

असल में वो इस बात को भूल बैठी है, के मर्द, शर्म, हया, सीरत से प्यार करता है. क्योंकि वो औरत की वजूद में अपना नस्ल देखता है,
अपनी बेटी देखता है, अपना औलाद दिखता है, कि आने वाले वक्त में मेरी औलाद ऐसा होगा.

difference-between-men-and-women-in-hindi

ऐ शख्स याद रखना खूबसूरती और अदाएं, मर्द को औरत के करीब तो कर सकती है, लेकिन औरत से हमेशा प्यार करने पर कायम नहीं रख सकती.

यह लेख अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ शेयर भी करें.

यह भी पढ़ें:-Gusse Ko Control Kaise Kare – मुझे गुस्सा बहुत आता है.