Galti ka ilaj kaise Karen, in Hindi, किसी को गलत करने से कैसे बचाए.

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Galti ka ilaj kaise Karen, in Hindi, किसी को गलत करने से कैसे बचाए.

एक शख्स ह़ज़रत इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु के ख़िदमत में आया, और दस्तेअदब को जोड़कर अर्ज़ करने लगा,
या अली मेरा एक भाई है जो जिंदगी में बार-बार गलतियां करता रहता है जो काम कहूं वो गलत करता है, मैं समझा समझा कर थक गया हूं, ना उस पर किसी नसीहत का असर होता है, न गुस्से का मैं ऐसा क्या करूं? कि वो गलतियां करना छोड़ दें.
बस यह कहना था तो इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया ऐ शख्स गलती का इलाज तन्कीद या गुस्सा नहीं,
उसने कहा या अली अगर नसीहत न करें उस पर गुस्सा न करें तो वो समझेगा कैसे?
इमाम अली ने फ़रमाया अगर तुम यहां से जाते वक्त किसी पत्थर से टकराकर गिर जाओ तो आसपास के लोग जो तुम्हारे अपने हैं, वो क्या करेंगे? तो उसने कहा या अली वो मेरे करीब आएंगे और मुझे उठाएंगे मुझ से हमदर्दी करेंगे.
इमाम अली ने फ़रमाया जब जिस्म गलती करे तो उसका इलाज हमदर्दी और प्यार से किया करते हैं लेकिन जब इंसान की रूह (आत्मा) गलती करें तो “क्या उसका इलाज गुस्से से करोगे?”
ऐ शख्स याद रखना वो वह इंसान जो जिंदगी में बार-बार गलतियां करता रहता है, जिसको प्यार कम मिले, हमदर्दी कम मिले, उस इंसान की रूह (आत्मा)दिन-ब-दिन कमजोर होती जाती है,
और इसी वजह से वो अपने आज में कम रहने लगेगा, या अपने गुजरे हुए वक्त में रहेगा, या अपने आने वाली जिंदगी के ख्यालों में,
इसी वजह से वो और गलतियां करने लगेगा.
अगर तुम चाहते हो तुम्हारा भाई गलती न करें तो तुम उसको और प्यार दिया करो, उसको अपने साथ बिठाया करो, अपने जैसा खिलाया करो, उसे इतनी हमदर्दी करो, उसे इतना प्यार करो कि वो खुद से प्यार करना शुरू कर लें, और जो इंसान खुद से प्यार करेंगा वो अपने आज में रहेगा, हाजिर दिमाग होगा, इसी वजह से उसकी गलतियां खत्म हो जाएगी.
“है फला कामरानी नरमी और आसानी में
बना काम बिगड़ जाता है नादानी में”
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