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Interesting story of turtle and vulture in hindi.

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कछुआ और गिद्ध की दिलचस्प कहानी, Interesting story of turtle and vulture in hindi.

इस दुनिया में हर तरह के लोग पाए जाते हैं,कोई बड़ा काम कर रहा है, तो कोई छोटा काम कर रहा है, कोई बहुत अमीर है, तो कोई बहुत गरीब है, किसी के पास बहुत बढ़िया हुनर(skills and abilities) है, तो किसी को अच्छा काम करना नहीं आता, लेकिन जिसके पास हुनर(skills and abilities)कम है, वह शायद यह सोचता हो, काश मैं भी कुछ बढ़िया कर सकता, कुछ अच्छा कर सकता, जो दूसरे लोग कर रहे हैैं, वह मैं भी कर सकता, लेकिन हर आदमी हर काम नहीं कर सकता, हर चीज की अलग अलग Capacities होती है, हर काम हर इंसान की बस की बात नहीं होती. तो आइए इसे एक मिसाल(Example) के जरिए समझते हैं.
कछुआ और गिद्ध की दिलचस्प कहानी, Interesting story of turtle and vulture in hindi.
एक घने जंगल के बीच एक तालाब था, जिसमें एक कछुआ रहता था, उसे उड़ने का बहुत शौक था, वह हर वक्त यही सोचता रहता कि मैं फलक पर कैसे उरू, वह जंगल इतना खूबसूरत था कि वहां तरह तरह के परिंदे फलक पर उड़ते नजर आते थे, वह परिंदे उरतेे और जब उन्हें प्यास लगती तो आकर तालाब से पानी पीते थे,और कछुआ तालाब से यह सब देखता रहता था,उन परिंदों को देख देखकर कछुआ हमेशा उड़ने का ख्वाब देखता रहता था, कछुआ मन ही मन सोंचता “देखो तो परिंदे फलक पर उड़ते हुए कितने खूबसूरत लग रहे हैं उन्हें कितना लूत्फ आता होगा न ऊपर से पूरी दुनिया को देखने में”
वहां बादल है उनका जब जी चाहता होगा तो वो बादल से खेलते होंगे काश मैं भी उड़ सकता!
कछुआ बेचैन हो उठा, उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह उड़े तो कैसे उड़े?
रोज ब रोज उसकी यह ख्वाहिश बढ़ती ही जा रही थी, उसको एक तरकीब सूझी और वह गिद्ध से इस बारे में बात करने गया, गिद्ध वहीं पास में एक दरख़्त पर बैठा हुआ था, कछुआ बोला गिद्ध भाई गिद्ध भाई!
कछुआ तुम यहां!गिद्ध बोला.
बोलो क्या माजरा है? आज तालाब से बाहर आने का तुम्हारा जी कैसे चाहा?गिद्ध बोला.
कछुआ बोला पूरे जंगल में आप ही तो एक सबसे ताकतवर है, जो एक लंबी उड़ान भरते हैं.
हां बात तो वाजिब है पर क्या बात है कछुए?गिद्ध बोला, इतने चापलूसी क्यों कर रहे हो, उड़ने में क्या दिलचस्पी है, तुम्हें कौन सा आम तुरवाना है मुझसे? गिद्ध बोला.
कछुआ बोला गिद्ध भाई! एक ख्वाहिश है जो आप ही पूरी कर सकते हैं!
अच्छा तो बताओ मुझे कछुए, “मैं पूरी कोशिश करूंगा तुम्हारी ख्वाहिश पूरी करने की”
गिद्ध बोला.
कछुआ बोला मैं चाहता हूं मैं भी फलक पर उड़ूं परिंदों की तरह ऊपर से पूरी दुनिया देखूं.
पर यह कैसे मुमकिन है उड़ने के लिए तो परों की ज़रूरत होती है, और वह तुम्हारे पास नहीं है?गिद्ध बोला.
कछुआ बोला इसी मकसद से तो आपके पास आया हूं आप मुझे पंजों में फंसा कर ऊपर फलक पर ले जाकर छोड़ देना, इस तरह मैं उड़ सकूंगा, और वो खूबसूरत नज़ारा देख सकूंगा.
देखो इससे तुम्हारी जान को खतरा हो सकता है,
गिद्ध बोला.
कछुआ बोला नहीं मुझे कुछ नहीं होगा. बस जैसा मैं कहता हूं आप वैसा ही कीजिए बराय मेहरबानी.
गिद्ध बोला, ठीक है, जैसी तुम्हारी मर्जी.
कछुए की ख्वाहिश के मुताबिक गिद्ध उसे अपने पंजों में फंसाया और उड़ाकर ऊपर ले गया फलक की सैर कररने,
आखिरकार कछुए का फलक पर उड़ने का ख्वाब पूरा हो ही गया.
कछुआ बोला गिद्ध भाई यहां से सब कुछ कितना खूबसूरत दिखता है! बादल भी हमारे कितने करीब है, आप बस थोड़ा और ऊपर ले जाकर अपनी पकड़ ढीली कर देना, तो मैं उड़ने लगा लूंगा.
गिद्ध बोला कछुए देखो मैं तुम्हें फिर से समझा रहा हूं, यह तुम्हारे लिए ठीक नहीं है, तुम नहीं उड़ सकते.
कछुआ बोला आप बस अपनी पकड़ ढीली कीजिए, और देखिए मैं कैसे उड़ता हूं, फिक्र मत कीजिए मुझे कुछ नहीं होगा.
गिद्ध को समझाने पर भी कछुआ नहीं माना और थोड़ी दूर और ऊपर जाकर गिद्ध अपनी पकड़ ढीली कर दी, और कछुआ नीचे गिरने लगा, कछुआ बोला रे वाह अब तो मैं भी उड़ रहा हूं लुत्फ आ गया, हां…हां…हां.
इतने में कछुआ की हालत अरे! अरे! यह क्या मैं उड़ नहीं रहा? “मैं तो गिर रहा हूं”
गिद्ध भाई बचाओ बचाओ मुझे बचाओ? पकड़ो नहीं तो मैं गिर जाऊंगा!
उड़ने की चाह में कछुआ ऊपर तो पहुंच गया लेकिन बिना परों की उड़ता कैसे?
और धाराम से आकर नीचे गिरा.
और उससे बहुत चोट लगी.
और कछुआ बोला यह मैंने क्या किया कितना अच्छा(the fool)हूं मैं भी. गिद्ध भाई ने मुझे कितना समझाया था और मैंने उनकी एक न सुनी,
लेकिन ये शुक्र है कि मैं अपने इस खोल की वजह से बच गया, नहीं तो आज मेरा काम ही तमाम हो जाता.
इस तरह कछुए को अपनी गलती का एहसास हुआ के जिद में आकर कोई काम नहीं करना चाहिए, आगे से उसने ऐसी गलती कभी नहीं की, और वह तालाब में ही खुशी खुशी रहने लगा.
सवाल: इसका मतलब हमें ख्वाब नहीं देखना चाहिए?
जवाब: ऐसा नहीं है ख्वाब जरूर देखें लेकिन उसे पूरा करने की ख्वाहिश में आहमक(The fool) मत बनो.
कुछ चीजें ऐसी होती है जो हम कर ही नहीं सकते दूसरों को करते देख उसे हासिल करने की कोशिश मत करो. अल्लाह ने हम सबको कुछ न कुछ खास आता किया है, इसलिए हमारे पास जो भी है हमें उसी में मूतमइ रहना चाहिए.
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