Home हीन्दी कहानीयां

Khushi Kiya Hoti Hai | Happiness | in Hindi खुशी क्या है | imam Ali.

0

Khushi Kiya Hoti Hai | Happiness | in Hindi खुशी क्या है | imam Ali.

Khushi Kiya Hoti Hai इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु तशरीफ़ फ़रमा थे, इतनी देर में एक शख्स आया और दस्तेअदब को जोड़ कर अर्ज करने लगा,
या अली! खुशी क्या है? Khushi Kiya Hoti Hai?

बस यह कहना था तो इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया, ऐ शख्स खुशी का वजूद (अस्तित्व) इस ज़मीन पर शिवाय धोखे का कुछ नहीं।

दुनिया के लालच की मिसाल उस रेशम के कीड़े जैसी है। जो अपने ऊपर जितना रेशम लगता जाता है। वह उतना ही अपने निकलने के रास्ते को तंग (कम) करता जाता है। और आखिरकार उसी रेशम में घुट कर मरने लगता है।

Khushi Kiya Hoti Hai

याद रखना जितना इंसान अपनी लालच को बढ़ाएगा। खुशी, मज़े, ख्वाहिशात के पिछे भागता जाएगा, तो वैसे ही इंसान अपने गुनाहों के बोझ तले दबता जाएगा। ज़िंदगी की हक़ीक़त यह है कि इंसान अपनी मंजिल को तलाश करें।

तभी आलिम कभी ख्वाहिशात के पीछे नहीं भागता। बल्कि अपने जीने का मक़सद तलाश करता है।

अल्लाह ने जानवरों और फरिश्तों में यही तो फर्क रखा। जानवर अपने ख्वाहिश के पीछे भागता हैं। और फरिश्ते अपने मक़सद के पीछे।

तो जो इंसान अपने मक़सद के पीछे भागे, वो फरिश्तों से भी अफ़ज़ल है। और जो इंसान सिर्फ अपने ख्वाहिश के पीछे भागे, वो जानवरों से भी बदतर।

read it:-Allah ne Jism ko Mati se Kiyo banaya – जिस्म मिट्टी का क्यों है.

Khushi Kiya Hoti Hai in video

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here