इंसान यह चाहे कि उसे मौत देर से आए वह ज्यादा ज़िंदा रहे तो वह क्या करें.

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इंसान यह चाहे कि उसे मौत देर से आए वह ज्यादा ज़िंदा रहे तो वह क्या करें.

इंसान यह चाहे कि उसे मौत देर से आए वह ज्यादा ज़िंदा रहे तो वह क्या करें.
मौत हर किसी को आनी है, जो भी जानदार इस दुनिया में पैदा हुआ है,उसे एक दिन ज़रूर मरना है.
लेकिन बुरी आदतें इंसान को बीमारियों, परेशानियों,तंगहालियों में मुब्तिला करके जल्द मौत के घाट उतार देती हैं.
इस लेख में पढ़ेंगे हम कीस तरह से अपने आप को उन सभी आदतों से बचाएं, तो चलिए शुरू करते हैं.
इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु के ख़िदमत में एक शख्स आया और दस्तेअदब को जोड़कर अर्ज़ करने लगा.
या अली आपके पास हर सवाल का जवाब है.एक हक़ीर सा सवाल आप की ख़िदमत में लाया हूं. अगर इजाज़त हो तो अर्ज़ करूं,तो इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया.
ऐ शख्स अल्लाह के रसूल ने मुझे इल्म का दरवाज़ा कहा है, और मेरे दर से आज तक कोई सवाली खाली नहीं गया.
पूछो जो पूछना चाहती हो मैं ज़मीन के रास्तों से ज्यादा आसमान के रास्ते जानता हूं.
उस शख्स ने कहा या अली जो इंसान यह चाहे कि उसे मौत देर से आए वह ज्यादा ज़िंदा रहे तो वह क्या करें.
बस यह कहना था तो इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया जो शख्स देर तक जिंदा रहना चाहता है.
तो उसे चाहिए के सुबह का खाना जल्द खाया करें.और अपने पांव में ज्यादा तंग जूते ना पहने, और जो लिबास पहने हलका सा हो.
और फजर के बाद या असर के बाद उस जगह पर जाया करें जहां दरख्त हो.खुला आसमान हो खुशगवार माहौल हो.
और अपने जिस्म पर मेहनत को नफीस करें,और औरतों के पास कम जाया करें.
जिस इंसान ने इन चीजों पर अमल किया,तो अल्लाह के करम से वह जिस्मानी और रूहानी बीमारियों से दूर रहेगा,और मौत उसके जिस्म पर देर से आएगी.
ऐ शख्स याद रखना अल्लाह ने लोहे मह़फूज़ पे इंसान की मौत को इतना जल्द नहीं रखा, लेकिन इंसान की गलत आदतें वक्त से पहले इंसान को खत्म कर देती है.
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