इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया.

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इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया, in hindi.

इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया

किसी भी इंसान को कमतर नहीं समझना चाहिए किसी पर ज़ुल्म नहीं करना चाहिए, किसी को ह़कीर नहीं समझना चाहिए, वरना इंसान बहुत सारे परेशानियों में मुब्तिला हो सकता है.

इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु ने फ़रमाया जो शख्स तुम से इज़्ज़त, मर्तबे, हैसियत, और दौलत में कम हो उनको कभी तकलीफ न देना,

तो एक शख्स ने सवाल किया या अली इस से किया होगा? तो इमाम अली ने कहा यह वो बदतरीन अमल है.

जिस से इंसान की नमाज़ क़ुबूल नहीं होती, रोज़े क़ुबूल नहीं होते, ह़ज ज़कात अल्लाह के दरबार तक नहीं पहुंचते.

खुशहाली में रुकावटें आती है, औलाद बीमारियों में मुब्तिला हो जाती है, और इंसान क़दम क़दम पर नाकामियों में गिरफ्तार हो जाता है .

मैंने रसूल अल्लाह ﷺ से सुना जो शख्स किसी गरीब को तकलीफ देता है, उस पर ज़ुल्म करता है, रोज़े मेह़सर,मैं उसकी सफ़ाअत नहीं करूंगा.

क्योंकि ग़रीब के टूटे हुए दिल की बद्दुआ अल्लाह के दरबार में बगैर किसी रूकावट के पहुंच जाती है.

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