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क्या आपका प्यार भी आपको याद करती हैं|Do your love also remind you in hindi

क्या आपका प्यार भी आपको याद करती हैं|Do your love also remind you in hindi

ह़ज़रत इमाम अली रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु के खिदमत में एक शख्स आया और दस्तेअदब को जोरकर अर्ज करने लगा.
या अली इब्ने अबी तालिब रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु एक चीज ने मुझे बेचैन कर के रखा है.
मेरी एक बीवी हूआ करती थी जो मेरा ख्याल रखती थी.वह मुझसे प्यार करती थी और मैं भी उस से प्यार करता था.
मियां बीवी कम दोस्त ज्यादा थे, ज़िन्दगी गुज़र रही थी.
लेकिन हालात बदलने के बाद हम दोनों अलग हो गए लेकिन आजकल उसकी याद बहुत आती है.
क्या कोई ऐसा अमल है जिससे यह मालूम किया जाए, कि जिस तरह से मैं उसे याद करता हूं क्या वह भी मुझे याद करती हैं.
अगर वह भी मुझे याद करती हैं तो मैं फिर से उससे निकाह करना चाहता हूं. अगर याद नहीं करती मैं उसे भूलना चाहता.
इमाम अली ने मुस्कुराकर कहा अल्लाह ने इंसान को एक अज़ीम नेमतें दी है, जिस को दिमाग कहते हैं. जिसके तबस्सुत से इंसान वक्त से पहले वाली चिजों के बारे में जान सकता है.
अगर तुम यह चाहते हो कि यह पहचान लो यह देख लो जिसको तुम याद करते हो क्या वह भी तुम्हें याद करता है. तो तुम रात में सोने से पहले सूरह रहमान और सूरह यासीन पढ़ो…और दुआ मांगो के ऐ मेरे अल्लाह तु तो मुझसे भी ज्यादा मेरे क़रीब है…जिसकी यादों ने मुझे बेचैन कर के रखा है, जिसको मैं बार-बार याद करता हूं…
तु मुझे ख्वाब में कोई ऐसा मंजर दिखा जिससे मुझे मालूम हो कि जिसको मैं याद करता हूं वह भी मुझे याद करता है या नहीं…
फिर सो जाओ अगर ख्वाब में उस शख्स का चेहरा नज़र आए अच्छे मनाज़िर नज़र आए, ठंडी हवा महसूस हो या सफेद रंग नज़र आए,या हरा रंग नज़र आए…तो समझ जाना वह शख्स भी तुम्हें तुम्हारी ही तरह याद करता है.
लेकिन अगर ख्वाब में अंधेरा वीराना उदासी तन्हाई आए या वह शख्स न नज़र तो समझ जाना वह शख्स तुम्हें भूल चुका है…
और अगर तुम पहली रात ख्वाब न देख सको तो मुसलसल सात रातें यह अमल करते रहो,किसी एक रात तुम्हे इलहाम ज़रूर होगा… क्योंकि अल्लाह अपने बंदों की हर दुआ सुनता है.
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