dost ki fitrat|sabaq amoz kahani in hindi.दोस्त की फितरत सबक अमोज कहानी

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दोस्त की फितरत सबक अमोज कहानी,dost ki fitrat|sabaq amoz kahani in hindi.

एक जंगल में एक मेंढक और बिच्छू की दोस्ती हो गई साहिल किनारे बिच्छू और मेंढक बातें किया करते थे, एक दूसरे का ख्याल रखा करते थे, कसमें खाया करते थे कि एक दूसरे का ख्याल रखेंगे.
लेकिन एक दिन ज़ोरों की बरसात बरसी बिच्छू घबराया और इधर उधर भागने लगा मेंढक ने कहा ऐ मेरे दोस्त घबरा क्यों रहे हो मैं हूं ना,
तुम मेरे पीठ पर सवार हो जाओ मैं तुम्हें डूबने नहीं दूंगा और बिच्छू ने मेंढक को अपनी पीठ पर बिठा लिया और तैरता रहा, तैरता रहा इस जूस्तुजू के साथ कि मैं अपने दोस्त को किसी साहिल पर ले जाकर रखूंगा ताकि मेरा दोस्त ना डूबे,
बस तैर ही रहा था कि बिच्छू ने अचानक से डंक मार दी जब उस डंक लगना था के मेंढक रोने लगा और रो कर कहने लगा ऐ मेरे दोस्त मैंने तुमसे इतनी वफा की तुम्हारी जान बचाने के लिए साहिल की तरफ तेज तेज तैर रहा हूं ताकि तुम्हारी जान बचे और तुमने मुझे ही मार दिया मुझे डस लिया.
इतने में बिच्छू कहने लगा ए मेरे दोस्त मेरी दोस्ती पर शक ना करना ये डंक मारना मेरी फितरत में है.
जिंदगीमें भी कुछ इंसान ऐसे होते हैं जिनके साथ हम कितने भी अच्छाई करें वह बदले में शिवाय तकलीफ के हमें कुछ नहीं देते.
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