हीन्दी कहानीयां

hum mushibat aur pareshani Se Kaise bache – remove troubles, in Hindi.

हेलो दोस्तो आज हम लेकर आए हैं एक ऐसी कहानी जो उन लोगों के लिए है,जो किसी की परेशानी को दूर नहीं करते,अगर हम खुद मुसीबत और परेशानी से बचना चाहते हैं। तो हमें चाहिए कि मुसीबत में पड़े लोगों की मदद करें। तो चलिए शुरू करते हैं।

किसान और उसका बेटा और चुहा:

एक किसान और उसका बेटा एक थैली खोल रहे थे, वहीं पर एक चूहे ने दीवार में से झांक कर देखा, उस थैली को देखकर चूहे ने सोचा अरे! इस थैली में क्या होगा? चुहे ने सोचा शायद खाने-पीने की कुछ चीज होगी, आज तो मजा ही आ जाएगा, चूहे मन ही मन कहा,

थोरी देर बाद चूहे ने देखा, थैली में चूहेदानी थी,
चूहा डर गया,
चूहे ने सोचा किसान और उसका बेटा उसे पकड़ने के लिए चूहे दानी ले आए हैं, अब तो मेरी खैर नहीं है।

चूहे ने अपने दोस्तों को इस खतरे से आगाह करने के लिए चला गया। चूहा जोर-जोर से चिल्लाने लगा, घर में चूहे दानी आ गई है होशियार, घर में चूहे दानी आ गई है होशियार,

मुर्गा ने जब सुना तो बोला, चूहे भाई! चूहे दानी से तो खतरा तुम्हें है, उसने भला मैं कैसे फसुंगा? इसलिए तो होशियार तुझे होना चाहिए।

उसके बाद चूहा बकरी के पास पहुंचा, और उससे बोला बड़े भाई! किसान ने आज चूहे दानी लाकर रखी है, उससे हम सब को खतरा है। बकरी ने चूहे से दिलासा देते हुए कहा चूहे भाई! हमें तुमसे बहुत हमदर्दी है, लेकिन मैं क्या कर सकता हूं। मैं तो तुम्हारे लिए सिर्फ दुआ कर सकता हूं।

चूहा उदास हुआ, और सर झुका कर लौट गया।
उसने सोचा मुझे तो इसी घर में रहना है, चूहे दानी से मुझे मुकाबला करना होगा। ये सोचते सोचते चूहा सो गया।

उसी रात चूहे को एक आवाज़ सुनाई दी। चूहा सोचा कहीं कोई चुहे दानी में फंस तो नहीं गया!
वो चुहे दानी की तरफ गया, तो उसने देखा, चूहे दानी में एक सांप फस गया है। खट की आवाज़ सुनकर किसान का बेटा चूहा दानी की तरफ गया, उसने सोचा चूहा फस गया होगा।

उसने अंधेरे में ही बिना सोचे समझे चूहे दानी की तरफ हाथ बढ़ाया। और सांप ने उसे काट लिया। सांप का ज़हर किसान के बेटे की जिसमें में फैलने लगा। किसान उसे अस्पताल ले गया, डॉक्टर ने इलाज के बाद, उसे घर ले जाने की इजाज़त दे दी।

कुछ दिनों बाद किसान का बेटा अस्पताल से घर वापस आ गया। मगर अब उसे कमज़ोरी रहने लगी। उसकी कमज़ोरी दूर करने के लिए, किसान ने मुर्गे को ज़बह करने के लिए सोचा, अगले दिन किसान ने मुर्गे को जबह किया, और उसका सूप बनाकर बेटे को पिलाया।

किसान के बेटे की हाल-चाल पूछने के लिए, रिश्तेदार आने जाने लगे। आने जाने वाले लोगों को किसान ने बकरा जबह करके उसका गोश्त खिलाया। कुछ दिनों बाद किसान का बेटा ठीक हो गया। मगर चूहे की दोनों खुदगर्ज दोस्त, अपनी जान से हाथ धो बैठे थे। अपने खुदगर्ज दोस्तों का, चूहे को बहुत दुख हुआ। उसने सोचा काश दोस्तों ने मेरी बात मान कर मेरी मदद की होती।

remove troubles:

सबक़: प्यारे दोस्तों हमें इस कहानी से ये सबक़ मिला, अगर हम खुद मुसीबत और परेशानी से बचना चाहते हैं। तो हमें चाहिए कि मुसीबत में पड़े लोगों की मदद करें।

अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया।
जिसने किसी मोमिन से दुनिया की कोई तकलीफ दूर की,
अल्लाह पाक उसकी क़यामत की तकलीफ को दूर फ़रमाएगा।

अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ, इसे शेयर भी करें.

यह भी पढ़ें:-Insan ki desire kabhi Puri nahin ho sakti-इंसान की ख्वाहिशात पूरी नहीं

Related Articles

Back to top button
Close
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker
Close Bitnami banner
Bitnami