We should think before doing any work

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Well should think before doing any work हमें कोई भी कार्य करने से पहले सोचने चाहिएे।


That was a long time ago. A farmer lived in a small village. His family had his wife and a small child in his family. The farmer used to love his son very much. They say how beautiful our son is. One evening when the farmer returned home, he had a weasel in his hand. His wife asked why you brought it. The farmer replied that our child could play with it. Farmer’s son and Neville started moving together. After 6 months, Neelu grew up. But the son of the farmer was still small. Nevala looked pretty big The farmer and his wife loved him a lot. One day the farmer’s wife was going to the market. She gave milk to the child and gave him a sweet. Then she said to her husband, I am going to the market to take care of the child .. I am afraid Nevala will not harm him somewhere. Do not worry, the farmer will not harm anyone. She is as lovable as our son. The farmer’s wife went away, the farmer was tired after a while, his son was sleeping in deep sleep. The farmer thought till I came out of the village, the farmer went out roaming. On the way, he got some friends and started talking to him and forgot that his son was sleeping alone at home. An hour later, the wife returned and placed a lot of things in her basket. The farmer’s wife, Nevele, looked at the door and went towards her and said, “I have come back.” Suddenly because the neck of Nevele was dripping red blood. The wife of the farmer cried rage with anger, you killed my child. I’ll kill you too He threw a basket full and threw it on the head. And quickly went inside the crying house. Her child was sleeping. He said thank God that my child is alive. Then he saw a poisonous snake lying dead in the blood. He has understood exactly what has happened. Neville has saved my child by killing a snake. As soon as this happened, it ran outwards. Neem was lying on the ground. Wah was not pulling the heel. The whole basket crushed him. He was dead. The farmer’s wife was unhappy and I did what I did. I killed this poorly faithful Nevala. He started crying loudly. But it was too late now.Nenve was dead. From this story we get to learn this. We should think before doing any work.

हमें कोई भी कार्य करने से पहले सोचने चाहिएे।

बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गांव में एक किसान रहता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी और उसके एक छोटा बच्चा था। किसान अपने बेटे से बहुत प्यार करता था ।वे कहते हमारा बेटा कितना सुंदर है। एक शाम जब किसान घर अपने लौटा तो उसके हाथ में एक नेवला का बच्चा था। उसके पत्नी ने पूछा आप इसे क्यों ले आए हो। किसान ने उत्तर दिया इसके साथ हमारा बच्चा खेल सकता है। किसान के बेटे और नेवले ने साथ-साथ बढ़ना शुरू कर दिया। 6 महीने बाद नेवला बड़ा हो गया। लेकिन किसान का बेटा अभी छोटा था। नेवला बड़ा सुंदर लगता था । किसान और उसकी पत्नी उसे बहुत प्यार करता था। एक दिन किसान की पत्नी बाजार जा रही थी।उसने बच्चे को दूध पिला कर सुला दी। फिर उसने पति से कहा मैं बाजार जा रही हूं बच्चा का ख्याल रखना।। मुझे डर है नेवला कहीं उसे नुकसान ना पहुंचा दे। किसान बोला चिंता नहीं करो नेवला किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। वह हमारा बेटे जैसा ही प्यारा है। किसान की पत्नी चली गई थोड़ी देर बाद किसान थक गया उसका बेटा गहरी नींद में सो रहा था। किसान सोचा मैं जब तक बाहर घूम कर आ जाता हूं किसान घूमने बाहर चला गया। रास्ते में उसको कुछ मित्र मिल गए उनसे बात करने लग गए और यह भूल गया कि उसका बेटा घर पर अकेला सो रहा है। एक घंटे बाद पत्नी वापस आए उसके टोकरी में बहुत सारी वस्तुएं रखी थी। किसान की पत्नी नेवले को बाहर दरवाजे पर देखकर उसकी तरफ गई और बोली प्यारे नेवले मैं वापस आ गई हूं। अचानक चिल्लाई क्योंकि नेवले के मुंह से लाल खून टपक रहा था। किसान की पत्नी गुस्से से चिल्लाई दुष्ट नेवले तूने मेरे बच्चे को मार डाला। मैं तुमको भी मार डालूंगी। उसने भरी टोकरी नेवले की सीर पर पटक दी। और तेजी से रोती हुई घर के अंदर गई। उसका बच्चा सो रहा था। उसने कहा भगवान का शुक्र है मेरा बच्चा जिंदा है। तभी उसने नीचे देखा एक ज़हरीला सांप खून में लथपथ मरा पड़ा है। वह एकदम समझ गई क्या हुआ है। नेवले ने सांप को मारकर मेरे बच्चे को बचाया है। ऐसा सोचते ही बाहर की तरफ दौड़ती हुई गई। नेवला जमीन पर शांत पड़ा हुआ था । वाह हील डुल नहीं कर रहा था।भरी टोकरी ने उसे कुचल दिया था। वह मर चुका था। किसान की पत्नी ने दुखी होकर कहां मैंने यह क्या कर दिया। मैंने इस बेचारे वफादार नेवले को मार डाला। वह ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी।नेवला मर चुका था। इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है। हमें कोई भी कार्य करने से पहले सोचने चाहिएे।

इमानदारी से ही इंसान धनवान होता है

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