Home Education

Zamin pe pehla Ghora Kab Aaya | First Horse | Fly horses | in Hindi.

0

Zamin pe pehla Ghora Kab Aaya | First Horse | Fly horses | in Hindi।

ह़ज़रत इमाम अली (रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु) के खिदमत में एक शख्स आया, और दस्तेअदब को जोड़कर अर्ज़ करने लगा, या अली मेरे जेहन में एक सवाल है, ह़ज़रत इमाम अली (रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु) ने फ़रमाया.
ऐ शख्स पूछो, इस कायनात का कोई ऐसा राज नहीं जो इस अली के सामने वाजेह न हो,

बात जब यहां तक पहुंची तो वो दस्तेअदब को जोड़कर अर्ज़ करने लगा या अली! आप फ़रमाते हैं कि अल्लाह ने हर चीज़ को इंसान के लिए भेजा, तख़लीक़ किया। लेकिन इस ज़मीन पर घोड़े कब से आए, पहला घोड़ा कब आया।

Zamin pe pehla Ghora Kab Aaya horse

बस यह कहना था कि इमाम अली (रज़ि अल्लाहु ताअला अन्हु) ने फ़रमाया, जब आदम की नाफरमानी के सबब, आदम को जन्नत से निकाला गया। तब अल्लाह के नबी ह़ज़रत आदम अलैहिस्सलाम और उसकी बीवी हव्वा (सलामतुल्लाह अलैहा) एक दूसरे से जुदा हो गए,
आदम और हव्वा एक दूसरे को ढूंढते रहे, एक दूसरे के लिए रोते रहे, अल्लाह से बार-बार माफी मांगते रहे। विला आखिर जब आदम ने अल्लाह के महबूब ह़ज़रत मोहम्मद मुस्तफा (सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम) के सदक़े अल्लाह से माफी मांगी, अल्लाह ने माफ कर दिया। फिर आदम अलैहिस्सलाम ने यह दुआ की ऐ मेरे अल्लाह मेरे जन्नत के साथी मेरी बीवी हव्वा से मुझे मिला। जब आदम की यह दुआ अल्लाह के दरबार पहुंची, तो अल्लाह ने जन्नत के एक घोड़े को हुकुम दिया। जा आदम को लेकर उसकी बीवी के पास पहुंच, तो जन्नत से एक घोड़ा जिसके शानदार पर थे, जो बिजली से भी तेज़ दौड़ता था। वो ज़मीन पर आया और हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को अपने पीठ पर लेकर बीवी हव्वा के पास लेकर आया। और दोनों साथ खुश रहने लगे।

आदम अलैहिस सलाम उस घोड़े पर सवारी करते थे। जब अल्लाह के नबी ह़ज़रत आदम की नस्ल बढ़ने लगी। तो अल्लाह के नबी ह़ज़रत आदम अलैहिस सलाम ने दुआ की ऐ मेरे अल्लाह मेरे औलाद के लिए भी एक अच्छी सवारी भेज, तो उसी जन्नत के घोड़े(Horses) की कमर से एक घोड़ा जिसका रंग सियाह था और एक घोड़ी जिसका रंग सफेद था। लेकिन उन दोनों के पर नहीं थे। और यूं आदम और उसकी औलाद उन घोड़ो पर सवार करते रहे। जैसे जैसे इंसानों की नस्ल बढ़ती रही, वैसे वैसे उन घोड़ो में से दूसरे घोड़े( horses) पैदा होती रहे, तभी अल्लाह ने इस जानवर के वजूद में वफा बख्शी है। ये अपनी ज़िंदगी से ज़्यादा अपने सवार की हिफाज़त करती है। और अपने सवार के लिए मरने में फक्र महसूस करता है।

यह भी पढ़ें:-मर्द चार चार शादियां कर सकता है, लेकिन यह आजादी औरत को क्यों…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here